धातु रोग का पक्का इलाज | Dhat Rog ka pakka Ilaj

September 18, 2020

Dhat-Rog-ka-Ilaj

धातु रोग,  वीर्य का अनैच्छिक रूप से निकलना, जो आम तौर पर नींद के दौरान या अन्य परिस्थितियां जैसे पेशाब या मल त्याग के दौरान होता है। यह एक पुरुषों की यौन समस्या है, जिसमें अनैच्छिक रूप से वीर्यपात (वीर्य रिसना या बहना) होने लगता है, जो आमतौर पर यौन उत्तेजना और संभोग के बिना होता है। एक ऐसी यौन समस्या जिसे अंग्रेजी में स्पर्मेटर्रिया कहा जाता है। जिसमें बिना किसी यौन गतिविधि या इच्छा के वीर्यपात हो जाता है। इसमें पेशाब करते समय मूत्र के साथ भी वीर्य निकल जाता है। धात रोग में सपने देखते हुए नींद में ही वीर्यपात हो जाना आम बात है और बिना सपने देखे नींद में या दिन में सचेत रहते हुए वीर्यपात हो जाता है।

Dhat rog virya ka anechik rup say nikalna jo aam toor par neend ke doran ya any paristhatiya jase pesaab ya mal teyaag ke doran hota hai | Yh ek puruso ki yon smasya hai jisme anecchik rup say viryprapt viry risna ya bhana – hone lagta hai jo aamtoor par yoon uteejna aur sambhog ke bina hota hai | Ek asi yon smasya jise angreji me sapmetriya kha jata hai | jisme bina kisi yon gtibidhi ya eccha ke viryprapt ho jata hai | esme pesaab karte smay mutr ke sath bhi viry nikal jata hai | Dhaat rog me sapne dekhte hue neend me hi viryprapt ho jana aam baat hai aur bina sapne dekhe neend me ya din me sochte hair hate hue viryprapt ho jata hai |

धात रोग एक ऐसी समस्या होती है जिसके बारे में खुलकर बात करने में शर्मिंदगी महसूस होती है। यह यौन संबंधी ऐसी समस्या है, जो खुद के प्रति बरती गई लापरवाही की वजह से होती है। इस बीमारी से ग्रसित होने पर आत्मविश्वास इस कदर डगमगा जाता है कि व्यक्ति की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित होने लगती है।

Dhatu rog ek aisi samasya hoti hai iske bare me khulkar baat karne me sarmindgi mhasus hoti hai | Yh yon sambandhi asi samsya hai jo khud ke parti barti gyi laparvahi ki vejh say hoti hai | Es bimari say garsati hone par aatvisvas es kader dagmga jata hai ki vyakti ki dirnchary puri tarh say parbhabit hone lagti hai |

धातु रोग के कारण – Dhaat rog ke karan |

किसी भी तरह की शारीरिक समस्या या रोग की चपेट में व्यक्ति यूं ही नहीं आ जाता है। उसके पीछे कई कारण छुपे होते हैं। इसी तरह धातु रोग होने के पीछे भी कई कारक हैं।
कुछ अधूरी कामोत्तेजक इच्छाएं।
Kisi bhi tarah sharirik samasya ya rog ki chapet me vyakti you hi aa jata hai | uske piche kai karan chupe hote hai | Esi tarh dhatu rog hone ke piche bhi kai karak hai |

  • धातु रोग यानी स्पर्मेटर्रिया एक गंभीर समस्या है, जिससे बचाव के लिए धात रोग के कारण के बारे में जानना जरूरी है।  Dhat rog yani sapmetri ek gambhir samasya hai jisse bachav ke liye dhaat rog ke karan ke bare me janna jaruri hai |
  • अधिक यौन गतिविधि। Adhik yon gatividhi |
  • भावनात्मक असंतुलन। Bhabnatmak asantulan |
  • फप की कमी (ऊर्जा की कमी)। Kaf Ki Kami – Urja ki kami |
  • शराब का सेवन। Sarab ka seven |
  • दवाओं का सेवन,| Dawao ka seven |
  • ह्रदय, लिवर, व किडनी में असंतुलन। Hardy liver v kidney me santulan |
  • एक्जिमा व दाद। Akjima v daad |
  • आंत में होने वाले कीड़े | Aant me hone wale kide |
  • अधिक हस्तमैथुन सिर्फ पुरुषों को ही नहीं, बल्कि महिलाओं को भी धात रोग हो सकता है। इसके कुछ लक्षण समय के साथ गंभीर होते जाते हैं। Adhik hasthmathun sirf purso ko hi nhi balki mahilao ko dhaat rog ho sakta hai | Eske kuch lakshan smay ke sath ganbhir hote jate hai |
  • पेशाब के साथ वीर्य निकलना। Pesaab ke sath viry nikalna |
  • मूड में अचानक बदलाव होना। Mood me achanak badlaav hona |
  • एकाग्रता में कमी। Akagrata me kmi |
  • घबराहट महसूस होना। Ghbarahat mahsus hona |
  • निराशाजनक अवसाद | Nirasajanak avsaad |
  • हर समय आलस महसूस होना। har smay aalas mhasus hona |
  • एंहीडोनीय यानी किसी भी तरह के काम में मन न लगना। Anhidoniya yani kisi bhi tarh ke kaam me man n lagna |
  • नींद में कमी। Neend me kmi
  • कम भूख लगना। Km bhuk lagna |
  • शारीरिक दुर्बलता। Sarerik durbalta |
  • असमय वीर्यपात। Asamy virypaat |
  • मनोरोग। Manorog |
  • योनि स्राव | Yoni sarv |
  • बुरी संगत। Buri sangat |
  • कामुक साहित्य पढ़ना या चित्र देखना। Kamuk shity padhna ya chitr dekhna |
  • एडल्ट फिल्में देखना। adalt filme dekhna |
  • वीर्यपात के नुकसान से संबंधित मिथकों पर भरोसा करना। Virypaat ke nukshan say smabndhit mithko par bharosa karna |
  • दोस्ती या प्यार में विश्वासघात। Dosti ya pyaar me visvaghaat |
  • चिंता करना। Chinta karna |
  • अधिक भोजन करना। Adhik bhojan karna |
  • अपर्याप्त आहार का सेवन। Apyart aahar ka seven |
  • यौन इच्छा संबंधी  रोग। yoon eccha sambandhit rog |
  • यूरेनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) के कारण। Yourenri tects infacsan |
  • नींद खराब होना। Neend kharab hona |
  • आनुवंशिक कारक। Aanuvansik karak |
  • पारिवारिक माहौल। Parivaarik mahol |
  • महिला नसबंदी | Mahila nasbandi |
  • अधिक हस्तमैथुन। Adhik hasthmathun hasthmathun |
  • कब्ज। Kabj |

धातु रोग का इलाज | Dhat Rog ka Ilaj

Dhatu rog ka ghrelu Ilaj

धात रोग का इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है। ऐसे में धातु रोग का इलाज करने के लिए इसकी वजह का पता लगाना जरूरी है। डॉक्टर प्रभावित व्यक्ति से उसकी दिनचर्या, जीवन और किसी अन्य बीमारी से संबंधित दवाओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं। अगर किसी दवा के साइड इफेक्ट की वजह से धात रोग हुआ है, तो उन दवाओं को बदलने की सलाह दे सकते हैं। वहीं, अगर धातु रोग तनाव की वजह से हुआ है, तो डॉक्टर एंटी-एंजाइटी दवाएं लेने के साथ ही तनाव को कम करने की एक्सरसाइज करने की सलाह दे सकते हैं (7)।

Dhaat rog ka ilaaz eske karan par nirbher karta hai | Ase me dhaatu rog ka ilaaz karne ke liye eski vejh ka pta lagana jaruri hai | Doctor prabhit vyakti say uski dinchary jivan aur kisi any bimaari say sambnadhit dawao ke bare me jaankari le sakte hai | Ager kisi dawae ke side efacts ki vejh say dhaat rog hua hai to un dawao ko badalne ki salha de sakte hai | Vhi ager dhatu rog tanav ki vejh say hua hai to doctor anti anjaet dawe lene ke sath hi tanav ko km karne ki acsarsize karne ki salha de sakte hai |


एक केस स्टडी के मुताबिक, धात रोग से ग्रसित व्यक्ति की डॉक्टर ने काउंसलिंग की, साथ ही कुछ व्यायाम करने को कहा और आहार संबंधी बदलाव करने की सलाह दी गई। इन बदलावों और काउंसलिंग के बाद धात रोगी में सुधार देखा गया (12)। वहीं, आयुर्वेद में धातु रोग का इलाज सिडा कॉर्डिफोलियायानी बाला जड़ी बूटी के उपयोग से भी किया जाता है (13)।

Ek kes satdi ke mutabik dhaat rog say grasti vyakti ki doctor ne kausling ki sath hi kuch vyayam karne ko kha aur aahar sambandhi badlaav karne ki salha di gyi | In badlavo aur kacunsling ke baad dhaat rogi me sudhaar dekha gya 12 | Vhi ayurved me dhatu rog ka ilaaz sida cordifoliya pank babkapvisap yaani wala jdi buti ke upyog say bhi kiya jata hai |

धात रोग का इलाज जानने के बाद नीचे धातु रोग से संबंधित आहार के बारे में चर्चा करेंगे। इन आहार को शामिल करने से धात रोग के लक्षण से बचा जा सकता है।

Dhat rog ka ilaj janne ke baad niche dhatu rog say sambandhit aahar ke bare me charcha karenge | In aahar ko samil karne say dhaat rog ke lakshan say bacha ja sakta hai |

धात रोग का घरेलू इलाज | Dhatu rog ka ghrelu Ilaj |

पोषण की कमी – पोषण की कमी की वजह से भी धातरोग हो सकता है, इसलिए धात रोग के उपचार में खान-पान पर ध्यान देना भी जरूरी है। आहार पर ध्यान देते वक्त बीन्स से परहेज जरूर करना चाहिए। धात रोग के लिए प्रोटीन, आयरन व बी-कॉम्प्लेक्स से भरपूर आहार का सेवन कर सकते हैं| Posan ki kmi ki vejh say bhi dhaat rog ho sakta hai esliye dhaat rog ke upchar me khan paan par dhiyaan dena bhi jaruri hai | Aahar dete vyakt bins say parhej jaroor karna cahiye | Dhaat rog ke liye protin aayran v bi complex say bharpur aahar ka seven kar sakte hai

काली मिर्च – 5 ग्राम बादाम, 5 ग्राम काली मिर्च, 2 ग्राम सौंठ और 5 ग्राम मिश्री को 250 उस गाय के दूध के साथ एक माह तक लिया जा सकता है। 5gm badam 5gm kali mirch 2gm sonth aur 5gm misri ko 250 us gay eke dudh ke sath ek maah tak liya ja sakta hai |

सेमल – 25-25 ग्राम सेमल की छाल और मिश्री को 250 उस गाय के दूध के साथ दिनभर में दो बार सेवन करें। सुबह और शाम को खाना खाने से पहले। 25 – 25gm Samel ki chaal aur misri ko 250 us gay eke dudh ke sath dinbher me do baar seven kre | subha aur saam ko khana khane say phale |

चना – 50 ग्राम चना और 5 बादाम को रातभर पानी में भीगोकर रखें और अगले दिन दूध के साथ एक महीने तक सेवन किया जा सकता है। 50gm Chana aur 5 badam ko raatbher pani me bhigokar rakhe aur agle din dudh ke sath ek mahine tak seven kiya ja sakta hai |

अर्जुन पेड़ की छाल – अर्जुन पेड़ की छाल व जड़ के अर्क का सेवन चंदन के साथ किया जा सकता है। Arjun ped ki chaal v jad ke ark ka seven chandan ke sath kiya ja sakta hai |

ऑर्किड – ऑर्किड नामक फूल धातु रोग का इलाज करने में सहायक हो सकता है। इसलिए, इसका सेवन भी धातु रोग के लक्षण को दूर करने में किया जा सकता है। Aakrdi namak ful dhatu rog ka ilaaz karne me sahayak ho sakta hai | Esliye eska seven bhi dhatu rog ke lakshan ko dur karne me kiya ja skata hai |

धात रोग से बचने के उपाय | Dhat rog se Bachne Ke Upay

  • उत्तेजक किताबों को न पढ़ें। Uttejeek kitabo ko na padhe |
  • किसी भी तरह की उत्तेजक वीडियो देखने से भी बचें। Kisi bhi tarh ki uttejak video dekhne say bhi bache |
  • मन में गंदे ख्याल न लाएं। Man me gande khayalat na aaye |योग और व्यायाम। Yog aur vyayam starts say dur rhe |
  • मादक पदार्थों के सेवन से बचें। Madak padarth ke sevan se bache |तम्बाकू व अवैध दवाओं का उपयोग न करें। Tabaku v avaidh dawa ka upyog na kare |
  • अधिक हस्तमैथुन न करें। Adhik hastmaithun na kare |

अगर आपको ऊपर दिए उपाय से आपको लाभ नंही होता तो आपकी समस्या बूट गंभीर है तुरंत किसी अचे डॉक्टर को दिखाए या अमर क्लिनिक पर तुरंत कॉल करे 9990229933 स्वप्नदोष का इलाज संभव है घबराये नहीं।

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