बवासीर और भगन्दर में अन्तर | Bawaseer aur bhagandar me antar |

September 10, 2020

Bawaseer aur bhagandar me antar

बवासीर में गुदा एवं मलाशय के निचले भाग की रक्तवाहिनियों में सूजन आ जाती है। ऐसा लम्बे समय तक कब्ज और शौच में अत्यधिक समय तक बैठे रहने से होता है।

Bawasir me guda avam malasy ke nichhle bhaag ki raktvhiniyo me sujan aa jati hai | esa lambe smay tak kabj aur soch me atydhik smay tak bethe rhane say hota hai |

इसके अलावा मोटापा या गर्भवती महिलाओं में भी यह होने का खतरा रहता है। इसमें गुदा या मलाशय में मस्से बन जाते हैं, जिनके फूटने पर इनसे खून निकलता है, और दर्द होता है।

Eske alaava motapa ya garbhvati me bhi yha hone ka khatra rhata hai | Esme guda ya malasy me masse ban jaate hai jinke futne par khun nikalta hai aur dard hota hai |

भगन्दर में मस्से नहीं होते हैं। भगन्दर में एक घावयुक्त नली बन जाती है, जो गुदा नलिका  | bhagandar me masse nhi hote hai | bhagandar me ek ghaavyoukt nli ban jaati hai jo guda nalika

bhagandar un logo me hota hai jinke paas koe foda ho jata hai | fode me kae mhu ban jaate hai | ase me ydi rogi vyakti usse chedchaad karta hai to bhagandar ho jata hai |

इसमें से खून और मवाद लगातार निकलता रहता है। शुरुआती अवस्था में इसमें मवाद और खून की मात्रा कम होती है। इसलिए इससे रोगी के वस्त्रों में केवल दाग मात्र लगता है। धीरे-धीरे रिसाव बढ़ता जाता है, और रोगी को खुजली, बेचैनी और दर्द होने लगता है।

Esme say khun aur lgaataar nikalta rhata hai | Suruaati avastha me esme mvaad aur khun ki matra km hoti hai |Esliye rogi ki vastro me keval daag matr lagta hai | Dhere –dhre risaav badhta jata hai | aur rogi ko khujli becheni aur dard hone lagta hai |

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