बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें | Bawasir ka dard kase theek kre?

September 10, 2020

बवासीर को Piles या Hemorrhoids भी कहा जाता है। बवासीर एक ऐसी बीमारी है, जो बेहद तकलीफदेह होती है। इसमें गुदा के अंदर और बाहर तथा मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से गुदा के अन्दर और बाहर, या किसी एक जगह पर मस्से बन जाते हैं। मस्से कभी अन्दर रहते हैं, तो कभी बाहर आ जाते हैं। करीब 60 फीसदी लोगों को उम्र के किसी न किसी पड़ाव में बवासीर की समस्या होती है। रोगी को सही समय पर पाइल्स का इलाज  कराना बेहद ज़रूरी होता है। समय पर बवासीर का उपचार नहीं कराया गया तो तकलीफ काफी बढ़ जाती है। बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें?

Bawasir ko piles ya hemorrhoids bhi kha jata hai | Bawasir ek asi bimari hai jo behad takhliffade hoti hai | Esme guda ke ander aur bahar tatha mlasay ke nichle hisse me sujan aa jati hai eski vjah say guda ke ander aur bahar ya kisi ek jgah par masse ban jate hai masse Kabhi ander rhate hai to kabhi bahar aa jate hai |  Karib 60 fisdi logo ko umer ke kisi n kisi padaav me babasir ki smasya hoti hai | Rogi ko shi smaya par piles ka ilaaz kraana behad jaruri hota hai smay par babasir ka upchar nhi kraya gya to takhlif kafi bdh jati hai | Bawasir ka dard kase theek kre|

यह एक अनुवांशिक समस्या भी है। यदि परिवार में किसी को यह समस्या रही हो, तो इससे दूसरे व्यक्ति को होने की आशंका रहती है। बहुत पुराना होने पर यह भगन्दर का रूप धारण कर लेता है जिसे फिस्टुला भी कहते हैं। इसमें असहाय जलन एवं पीड़ा होती है। बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें?

Yha ek anuvansik smasya bhi hai | Ydi parivaar me kisi ko yha smasya rhi ho to esme dusre vyakti ko hone ki aasanka rhati hai | Bahut purana hone par yha bhagander ka rup dharan kar leta hai jise fistula bhi kahate hai | Esme ashaye jlan avam pida hoti hai | Bawasir kas dard kase theek kre

खूनी बवासीर | Khuni babasir

खूनी बवासीर में किसी प्रकार की पीड़ा नहीं होती है। इसमें मलत्याग करते समय खून आता है। इसमें गुदा के अन्दर मस्से हो जाते हैं। मलत्याग के समय खून मल के साथ थोड़ा-थोड़ा टपकता है, या पिचकारी के रूप में आने लगता है। बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें?

Khuni Bawasir me kisi parkaar ki pida nhi hoti hai esme malteyag karte smaya khun mal ke sath thoda – thoda tpakta hai ya pichkari ke rup me aane lagta hai  Bawasir ka dard kase theek kre |

मल त्यागने के बाद मस्से अपने से ही अन्दर चले जाते हैं। गंभीर अवस्था में यह हाथ से दबाने पर भी अन्दर नहीं जाते। इस तरह के बवासीर का तुरंत उपचार कराएं।

Mal teyagne ke baad masse apne say hi ander chale jaate hai | ganbhir avastha me yha hath say dabane par bhi ander nhi jaate hai | es trh ke Bawasir ka turant upchaar kraye|

बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें? | Babasir ka dard kase theek kre |

बादी बवासीर | Badi babasir |

बादी बवासीर में पेट की समस्या अधिक रहती है। कब्ज एवं गैस की समस्या बनी ही रहती है। इसके मस्सों में रक्तस्राव नहीं होता। यह मस्से बाहर आसानी से देखे जा सकते हैं। इनमें बार-बार खुजली एवं जलन होती है। बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें? शुरुआती अवस्था में यह तकलीफ नहीं देते, लेकिन लगातार अस्वस्थ खान-पान और कब्ज रहने से यह फूल जाते हैं। इनमें खून जमा हो जाता है, और सूजन हो जाती है।इसमें भी असहनीय पीड़ा होती है, और रोगी दर्द से छटपटाने लगता है। मलत्याग करते समय, और उसके बाद भी रोगी को दर्द बना रहता है। वह स्वस्थ तरह से चल-फिर नहीं पाता, और बैठने में भी तकलीफ महसूस करता है। इलाज कराने से यह समस्या ठीक हो जाती है।

Badi Bawasir me pet ki smasya adhik rhati hai kabj avam gas ki smasya bni rhati | Eske masso me raktstaarv nhi hota | Yha masse bahaar aasani say dekhe jaa sakte hai  inme baar baar khujli avam jlan hoti hai  | Bawasir ka dard kase theek kre suruaaati avastha me yha taklif nhi dete hai lekin lgaataar asvasth khan – paan aur kabj rhane say yha ful jaate hai | Inme khun jmaa ho jata hai aur sujan ho jaati hai | Esme bhi ashniy pida hoti hai aur rogi dard say chaptaane lagta hai malteyaag karte smay aur uske baad bhi rogi ko dard bna rhata hai | Vha svasth trah say chal – fir nhi pata hai aur bethne me bhi takhlif mhasusu karta hai | Elaaz kraane say yha smasya theek ho jati hai |

बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें? | Bawasir ka dard kase theek kre

बवासीर होने के लक्षण | Bawasir hone ke lakshan

कई बार बवासीर यदि गंभीर अवस्था में ना पहुंचा हो तो यह 4-5 दिनों में अपने आप ही ठीक हो जाता है, लेकिन रोग बढ़ने पर ये लक्षण देखे जा सकते हैंः- | Kae baar babasir ydi ganbhir avastha me naa pahucha ho to yha  4 -5 dino me apne aap hi theek ho jaati hai lekin rog badhne par ye lakshan dekhe ja sakte hai|

गुदा के आस-पास कठोर गांठ जैसी महसूस होती है। इसमें दर्द रहता है, तथा खून भी आ सकता है। | Guda ke aas paas kathor gaanth jasi mhasus hoti hai esme dard rhata hai tatha khun bhi aa sakta hai |

शौच के बाद भी पेट साफ ना हेने का आभास होना। | Soch ke baad bhi pet saaf naa hone ka aabhas hona |

शौच के वक्त जलन के साथ लाल चमकदार खून का आना। | Soch ke vyakt jlan ke sath laal chamkdaar khun ka aana |

शौच के वक्त अत्यधिक पीड़ा होना। | Soch ke vyakt atyadhik pida hona |

गुदा के आस-पास खुजली, एवं लालीपन, व सूजन रहना। | Guda ke aas paas khujli avam lilapn v sujan rhana|

शौच के वक्त म्यूकस का आना। | Soch ke vyakt mayoukas ka aana |

बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, लेकिन त्यागते समय मल न निकलना। | Baar – baar mal tiyaagne ki iccha hona lekin tiyaagte smay mal ka naa nikalnaa |

इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरंदाज ना करें। जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाकर पाइल्स का इलाज  कराएं। | In lakshno ko bilkul bhi njarandaaz na kre | jald doctor ke paas jakar piles ka ilaaz kraaye |

बवासीर होने के कारण  | Bawasir hone ke karan

  • आयुर्वेद में बवासीर को ‘अर्श’ कहा गया है। यह वात, पित्त एवं कफ तीनों दोषों के दूषित होने से होता है। इसलिए इसे त्रिदोषज रोग कहा गया है।  जिस बवासीर में वात या कफ की प्रधानता होती है, वे अर्श शुष्क होते हैं। इसलिए

Aourved me babasir ko ars kha gya hai | Yha vaat pitt avam kaf tino doso ke dusit hone say hota hai | esliye ese tirydosaj rog khaa gya hai | jis Bawasirme vaat ya kaf ki pardhaanta hoti hai ve ars susk hote hai | esliye |

  • मांसांकुरों में से स्राव नहीं होता है। जिस अर्श में रक्त या पित्त या रक्तपित्त की प्रधानता होती है, वे आर्द्र अर्श होते है। इसमें रक्तस्राव होता है। शुष्क अर्श में पीड़ा अधिक होती है। बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें?

Maansasukro me say starv nhi hota hai | Jis ars me rakt ya pitt ya raktpitt ki pardhanta hoti hai ve aadr ars hote hai | Esme raktstaarv hota hai | Susk ars me pida adhik hoti hai | Bawasir ka dard kase theek kre|

  • कुछ लोगों में यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी देखा जाता है, लेकिन कुछ में अन्य कारणों से भी होता है, जो ये हैंः- बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें?

Kuch logo me yha rog pidhi dekha jata hai lekin kuch me any karno say bhi hota hai jo ye hai Bawasir ka dard kase theek kre |

  • कुछ व्यक्तियों को अपने रोजगार की वजह से घंटे खड़े रहना पड़ता है, जैसे- बस कंडक्टर, ट्रॉफिक पुलिस इत्यादि। इसके साथ ही जिन्हें भारी वजन उठाना पड़ता है। इन लोगों को बवासीर से पीड़ित होने की अधिक संभावना रहती है।

Kuch vyaktiyo ko apne rojgar ki vjh say ghante rhana padta hai jase bus kandactor traffic police ityaadi eske sath hi jinhe bhaari vjan uthana padta hai | In logo ko babasir say pidit hone ki adhik sambhabna rhati hai |

  • कब्ज भी बवासीर का एक प्रमुख कारण है। कब्ज में मल सूखा एवं कठोर होता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को मलत्याग करने में कठिनाई होती है। काफी देर तक उकड़ू बैठे रहना पड़ता है। इस कारण से वहां की रक्तवाहिनियों पर जोर पड़ता है, और वह फूलकर लटक जाती है, जिन्हें मस्सा कहा जाता है।बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें?

Kabj bhi babasir ka ek parmukh karan hai | kabj me mal sukha avam kathor hota hai jiski vjh say vyakti ko maltiyaag karne me kathinayi hoti hai | kafi der tak ukdu bethe rhana pdta hai | Es karan say vha ki raktvahiniyo par  jor padta hai aur vha fulkar ltak jaati hai jinhe massa kha  jata hai |Babasir ka dard kase theek kre |

बवासीर के कारण | Bawasir ke Karan

  1. शौच ठीक से ना होना। | Soch theek say naa hona |
  2. फाइबर युक्त भोजन का सेवन न करना। | Faibar youkt bhojan ka seven n karna |
  3. महिलाओं में प्रसव के दौरान गुदा क्षेत्र पर दबाव पड़ने से बवासीर होने का खतरा रहता है। | Mahilao me parsab ke doraan guda chetr par dabab padne say Bawasir hone ka khatra rhata hai |
  4. आलस्य या शारीरिक गतिविधि कम करना। | aalasy Ya sarerik gatibidhi km karna |
  5. धूम्रपान और शराब का सेवन। | Dhumrpaan aur sarav ka seven |

बवासीर का दर्द कैसे ठीक करें | Babasir ka dard kase theek kre?

  1.   100 ग्राम अंजीर ले और उसे रात को 1 गिलाश पानी में भिगो के रख दे और सुबह खाली पेट इसका इस्तमाल करे इससे आपका पूरा पेट अच्छे से साफ़ होगा और बबासीर में पूरा फायदा मिलेगा।  (100 Gm anjeer le aur use raat ko 1 gilash pani me bhigo ke rkh de aur subha khali pet eska estmaal kre esse aapka pura acche say saaf hoga aur Bawasir me pura fayeda milega)
  2. एलोवेरा से ठीक करे बबासीर का दर्द  – 200  gm एलोवेरा ले उसमेसे 100 gm एलोवेरा का जूस निकाल ले और 100 gm  को अलग कर दे अच्छे से पीस कर जूस बना ले और सुबह बिना खाना खाये 1 गिलाश जूस पिए और रात को खाना खाने से पहले 1 गिलाश जूस पिए बाकी बचे 100 ग्राम को अच्छे से साफ़ करले और जो बबासीर के मस्से होते है उनपे लगाए इससे आपको 2 फायदा होंगे 1 तो आपकी कब्ज ठीक हो जाएगी 1 आपको मस्सो में फायदा मिलेगा। (Aloe Vera se thik kare bawasir ka dard – 20 gm alovera le usme 100 gm alovera ka juse nikal le aur 100 gm ko alag kar de acche say pis kar juse bna le aur subha bina khana khaaye 1 gilash juse piye aur raat khana khaane say phale 1 gilash juse piye baki bache hue 100 gm ko acche say saaf karle aur jo Bawasir ke masse hote hai unpe lgaaye esse aapko 2 fayede honge 1 to aapki kabj theek ho jaygi 1 aapko masso me fayeda milega)
  3. जैतून का तेल 100 ग्राम जैतून का तेल ले और उसे गर्म कर ले फिर ठंडा होने पे बबासीर के मस्सो पे लगाए बहुत फायदा पहुँचता है ऐसे। बबासीर में| (Jaitun ka tel 100 gm jaitun ka tel le aur use garm karle fir thanda hone pe Bawasir ke masso pe lagaaye bahut fayeda pahuchta hai ase Bawasir me)
  4. नीबू से ठीक करे बबासीर का दर्द – 25 ग्राम नीबू ले और 10 ग्राम अदरक ले 15 ग्राम शहद ले नीबू और अदरक का रस बना के उसमे शहद मिलाये और इसका सेवन करे। (Nimbu se thik kare Bawasir ka dard – 25 gm nimbu le aur 10 gm adrak le 15 gm sahad le nibu aur adrak ka rs bna ke unse sahad milaaye aur eska seven kre)
  5. अजवायन से ठीक करे बबासीर का दर्द – अजवायन ले 10 ग्राम उसको अच्छे से भून ले फिर और 100 ml छाछ में मिला कर इसका इस्तमाल करे इससे बहुत आराम मिलेगा आपको। (Ajwain say thik kare bawasir ka dard – ajvayan le 10 gm usko acche say bhun le fir aur 100 ml chaach me mila kar eska estmaal kre esse bahut aaraam milega aapko)

अगर आप जल्दी फायदा चाहाते है।  आपको इलाज़ ही कराना है तो फिर आप आयुर्वेदिक Dr Amar से मिले उनकी दवाई पहले दिन से ही फायदा करती है।  15 दिन में बबासीर से छुटकारा दिला देते है हमेशा के लिए 1 बार में ही इंडिया के बेस्ट डॉक्टर है।  गोल्ड मेडलिस्ट है हजारो कस्टोमेरो को ठीक किया है अपनी दवाई से।

Agar aap jaldi fayda chahte hai | aapko ilaaj hi karna hai to aap ayurved Dr Amar say dawa le unki dawae phale din say hi fayeda karti hai | 15 din me babasir say chutkara dila dete hai humesha ke liye 1 baar me hi india ke best doctor hai | Gold medalist hai hajaaro castomero ko teek kiya hai apni dawae say |

Dr Amer Clinic HelpLine Number – 9999229233 Whatsaap Aur Call Kre     

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